हुमायूँ और खेल: चौपड़ का ऐतिहासिक प्रसंग
दूसरे मुग़ल बादशाह नासिरुद्दीन हुमायूँ (शासन-काल लगभग 1530–1540 तथा 1555–1556) का जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा — सत्ता-संघर्ष, निर्वासन और अंततः दिल्ली की पुनर्प्राप्ति। इतिहासकारों और समकालीन वृत्तांतों में उसे केवल एक योद्धा-शासक के रूप में ही नहीं, बल्कि बौद्धिक अभिरुचियों, ज्योतिष और बैठकर खेली जाने वाली खेलों में गहरी दिलचस्पी रखने वाले व्यक्ति के रूप में भी चित्रित किया गया है।
चौपड़ — एक दरबारी बैठक-खेल
चौपड़ (पचीसी-परिवार की एक पारंपरिक भारतीय खेल) पासों और गोटियों के माध्यम से खेली जाती थी, और इसे सामान्यतः एक कपड़े या फ़र्श पर बने क्रॉस-आकार के बोर्ड पर खेला जाता था। परंपरा के अनुसार, हुमायूँ को इस तरह की बैठकर खेली जाने वाली बौद्धिक खेलों में रुचि थी, जिन्हें वह दरबारी सभाओं और विश्राम के समय अपनाता था। ये खेलें उस दौर के कुलीन वर्ग के सामाजिक जीवन का सामान्य हिस्सा मानी जाती हैं, ठीक वैसे ही जैसे आज बोर्ड-गेम या शतरंज सामाजिक मेलजोल का माध्यम हैं।
ज्योतिष और योजना-प्रियता
हुमायूँ की जीवनी में यह भी उल्लेख मिलता है कि वह ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रहों की स्थिति को अपने दैनिक निर्णयों से जोड़कर देखता था। यह रुचि, चौपड़ जैसी खेलों में रुचि के साथ मिलकर, उसे मुग़ल शासकों की एक विशिष्ट छवि प्रदान करती है — एक ऐसा शासक जो युद्ध-क्षेत्र और दरबार, दोनों में बौद्धिक चिंतन को महत्त्व देता था।
निर्वासन से पुनरागमन तक
1540 में शेरशाह सूरी से पराजय के बाद हुमायूँ को भारत से बाहर निर्वासन में समय बिताना पड़ा। फ़ारस के सफ़वी दरबार में शरण के दौरान भी दरबारी संस्कृति, कला और बैठकर खेली जाने वाली खेलों का आदान-प्रदान हुआ, जिसने आगे चलकर मुग़ल दरबार की सौंदर्यबोध और सामाजिक परंपराओं को प्रभावित किया। 1555 में दिल्ली पुनः प्राप्त करने के बाद हुमायूँ का शासन अल्पकालिक रहा, परंतु उसकी सांस्कृतिक विरासत आगे के मुग़ल शासकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
दिल्ली में हुमायूँ की विरासत
हुमायूँ का मक़बरा (Humayun's Tomb), जो उसकी पत्नी हाजी बेगम के आदेश पर बनवाया गया, आज दिल्ली के सबसे महत्त्वपूर्ण मुग़ल स्थापत्य स्मारकों में से एक है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। यह स्थल आगे के मुग़ल स्थापत्य — विशेषकर ताज महल — की नींव माना जाता है। पर्यटक इस मक़बरे की यात्रा के साथ हमारे लाल क़िला गाइड पृष्ठ को भी देख सकते हैं, जो अगली पीढ़ियों के मुग़ल स्थापत्य को समझने में सहायक है।
अन्य शासकों और उनके दरबारी खेल-प्रसंगों के लिए हमारी शासकों की लहरें हॉरिज़ॉन-टाइमलाइन देखें।